patwari arrested dhari nainital: उत्तराखंड के नैनीताल जिले की धारी तहसील में शनिवार को विजिलेंस की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी निर्मल बोरा को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई शिकायतकर्ता द्वारा टोल फ्री नंबर 1064 पर दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई है।आरोपी पटवारी ने एक ग्रामीण से उसकी जमीन की नापजोख (पैमाइश) करने के बदले में इस अवैध राशि की मांग की थी। धारी तहसील क्षेत्र के इस मामले (patwari arrested dhari nainital) में विजिलेंस कार्यालय सेक्टर नैनीताल (हल्द्वानी) में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
बड़ी कार्रवाई: patwari arrested dhari nainital मामले के मुख्य बिंदु
विजिलेंस मुख्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ग्राम मौड़ा, तहसील धारी के रहने वाले एक पीड़ित ग्रामीण ने बीते दिनों भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी सरकारी हेल्पलाइन नंबर 1064 पर फोन कर शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित का आरोप था कि उसकी पैतृक भूमि की पैमाइश और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने के लिए उसने क्षेत्र के पटवारी निर्मल बोरा से संपर्क किया था। लेकिन पटवारी निर्मल बोरा (पुत्र शेर सिंह बोरा, निवासी सुनकोट, धारी और हाल निवासी जलवायु विहार, बिठोरिया नंबर-1, हल्द्वानी) इस काम को करने के लिए लगातार टालमटोल कर रहा था और काम के बदले 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था।
विजिलेंस जांच और patwari arrested dhari nainital अपडेट
विजिलेंस निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन के निर्देश पर सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी सेक्टर की टीम ने गोपनीय तरीके से शिकायत की प्राथमिक जांच कराई। प्राथमिक जांच में पटवारी के खिलाफ लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया पूरी तरह सही पाए गए। इसके बाद विजिलेंस कार्यालय सेक्टर नैनीताल (हल्द्वानी) में आरोपी पटवारी निर्मल बोरा के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) 2018 के तहत सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी विजिलेंस दीपशिखा अग्रवाल के पर्यवेक्षण में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया, जिसने शनिवार को तहसील क्षेत्र में रणनीतिक जाल बिछाया।
विजिलेंस की टीम ने रंगे हाथों दबोचा, मची खलबली
शनिवार को योजना के मुताबिक जैसे ही पीड़ित ग्रामीण रिश्वत की रकम लेकर धारी तहसील क्षेत्र के तय स्थान पर पहुंचा, वहां पहले से ही सादे कपड़ों में मुस्तैद विजिलेंस की ट्रैप टीम ने मोर्चा संभाल लिया था। जैसे ही आरोपी पटवारी निर्मल बोरा ने ग्रामीण से 30 हजार रुपये की नकदी अपने हाथ में ली, वैसे ही विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। टीम ने तत्काल उसके हाथों को केमिकल से धुलवाया, जिससे पानी का रंग गुलाबी हो गया, जो कि रिश्वत लेने का पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण है। एकाएक हुई इस बड़ी कार्रवाई से धारी तहसील परिसर और पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया।
आरोपी के घर पर छापेमारी और आय से अधिक संपत्ति की जांच
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की टीम आरोपी पटवारी को लेकर हल्द्वानी स्थित कार्यालय आई, जहां उससे बंद कमरे में गहन पूछताछ की गई। एसपी दीपशिखा अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि केवल गिरफ्तारी तक ही यह कार्रवाई सीमित नहीं है। आरोपी पटवारी निर्मल बोरा के हल्द्वानी के बिठोरिया नंबर-1 स्थित जलवायु विहार आवास पर भी विजिलेंस की दूसरी टीम ने सर्च वारंट के साथ छापेमारी की है। घर की तलाशी के दौरान बैंक खातों की पासबुक, जमीन और मकान के दस्तावेज, और निवेश से जुड़े कागजातों को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने सेवाकाल के दौरान कितनी अवैध संपत्ति अर्जित की है।
ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार की घोषणा
भ्रष्टाचार के खिलाफ इस अत्यंत संवेदनशील और सफल ऑपरेशन को बखूबी अंजाम देने वाली विजिलेंस ट्रैप टीम की पीठ थपथपाते हुए विजिलेंस निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने पूरी टीम के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के संकल्प को पूरा करने में जनता का सहयोग बहुत जरूरी है।
सतर्कता विभाग की जनता से अपील
विजिलेंस विभाग ने उत्तराखंड की आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी (चाहे वह किसी भी विभाग का हो) किसी भी वैध काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, या आय से अधिक संपत्ति अर्जित कर रहा है, तो उसकी सूचना तत्काल भ्रष्टाचार विरोधी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या विजिलेंस के व्हाट्सएप नंबर पर दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।