नैनीताल। उत्तराखंड के सरोवर नगरी में चल रहे प्रसिद्ध मेले से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां Nanda Devi Mahotsav Nainital Extortion (मां नंदा देवी महोत्सव नैनीताल अवैध वसूली) की खबरों ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मेले में दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों और स्थानीय क्षेत्रों से अपनी रोजी-रोटी कमाने आए छोटे और गरीब दुकानदारों ने कुछ स्थानीय असामाजिक तत्वों पर डरा-धमकाकर जबरन पैसे वसूलने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। इस रंगदारी और प्रताड़ना के मामले की भनक लगते ही नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने तुरंत पूरे मेला क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया और पीड़ित दुकानदारों से मुलाकात कर स्थिति की जमीनी जानकारी ली।

रविवार को जब नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल अचानक मेला क्षेत्र में दुकानदारों का हाल जानने पहुंची, तो वहां एक बेहद भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला। पालिकाध्यक्ष को अपने बीच पाकर कई छोटे और प्रवासी दुकानदार अपने आंसू नहीं रोक पाए और फूट-फूटकर रोने लगे।दुकानदारों ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई कि पिछले कुछ दिनों से कुछ दबंग और असामाजिक तत्व मेले में सक्रिय हैं। ये लोग हर छोटी दुकान पर जाकर जबरन 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की अवैध वसूली कर रहे हैं। जब इन गरीब दुकानदारों ने इस लूट का विरोध किया या पैसे देने में असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने उनके साथ न सिर्फ बेहद अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग किया, बल्कि उनकी दुकानें उजाड़ने और मारपीट करने की खुली धमकी भी दी।
दहशत में बंद रही दुकान
असामाजिक तत्वों का खौफ इस कदर बना हुआ है कि दूर-दराज के क्षेत्रों से आए दुकानदार अपनी जान-माल को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान एक पीड़ित दुकानदार ने रोते हुए पालिकाध्यक्ष को बताया कि दबंगों के डर और मानसिक प्रताड़ना के कारण उसने रविवार को अपनी दुकान खोली ही नहीं। दुकानदारों का कहना है कि वे यहाँ त्योहार के सीजन में दो वक्त की रोटी कमाने आते हैं, लेकिन इस तरह की गुंडागर्दी से उनका मनोबल टूट गया है।
नगर पालिका अध्यक्ष का सख्त रुख, दिए कार्रवाई के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने तुरंत कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “नगर पालिका प्रशासन की ओर से मेले में इस तरह की किसी भी अतिरिक्त या अवैध वसूली की अनुमति बिल्कुल नहीं दी गई है। यह पूरी तरह से गैरकानूनी है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”डॉ. खेतवाल ने मौके से ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) को मामले की तत्काल जानकारी दी। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि मेला क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं और इन असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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दुकानदारों से अपील: ‘एक भी रुपया न दें’
पालिकाध्यक्ष ने डरे हुए दुकानदारों को ढाढस बंधाया और उन्हें पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने सभी छोटे दुकानदारों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी अज्ञात, अनधिकृत या रसूखदार व्यक्ति को डरा धमका कर पैसे मांगने पर एक भी रुपया न दें। यदि कोई भी व्यक्ति दोबारा उन्हें परेशान करने या अवैध रूप से पैसे वसूलने आता है, तो बिना डरे इसकी सूचना तुरंत नगर पालिका प्रशासन या सीधे स्थानीय पुलिस को दें।
इस बड़ी घटना के सामने आने के बाद से नैनीताल पुलिस ने मेला परिसर में गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को दोगुना कर दिया है। खुफिया पुलिस (LIU) को भी सादे कपड़ों में तैनात किया गया है ताकि रंगदारी मांगने वालों को रंगे हाथों पकड़ा जा सके। स्थानीय बुद्धिजीवियों का कहना है कि मां नंदा देवी का यह पवित्र महोत्सव नैनीताल की गहरी आस्था, गौरवशाली परंपरा और कुमाऊंनी संस्कृति का प्रतीक है, और चंद असामाजिक तत्वों के कारण इसकी छवि को धूमिल करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।