बदरीनाथ में सेना और संस्कृति का अनूठा संगम, सीएम धामी ने कहा- ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूलमंत्र पर बढ़ रहा उत्तराखंड

चमोली/बदरीनाथ। सीमांत जनपद चमोली के पावन धाम श्री बदरीनाथ में भारतीय सेना की सेंट्रल कमान और जिला प्रशासन चमोली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय Devbhoomi Cultural Festival Badrinath (देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव) का भव्य समापन हो गया।

‘ऑपरेशन सद्भावना’ के तहत ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थीम पर आयोजित इस ऐतिहासिक महोत्सव के समापन समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने देवतुल्य जनता को संबोधित करते हुए प्रदेश के सांस्कृतिक संरक्षण और सीमांत क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महोत्सव परिसर में स्थानीय मातृशक्ति, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने पहाड़ी उत्पादों, स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए मातृशक्ति के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ये स्टॉल स्थानीय अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

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सैन्य प्रदर्शनी और अत्याधुनिक हथियारों का अवलोकन

महोत्सव के दौरान भारतीय सेना द्वारा देश की सुरक्षा में तैनात आधुनिक सैन्य उपकरणों एवं अत्याधुनिक हथियारों की एक विशाल प्रदर्शनी (‘नो योर आर्मी’) लगाई गई थी। मुख्यमंत्री ने इस सैन्य प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया और सेना के अधिकारियों से हथियारों की मारक क्षमता और उनकी तकनीकी विशिष्टताओं के बारे में जानकारी ली। सीएम धामी ने सीमांत क्षेत्रों में देश की रक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के माध्यम से सक्रिय योगदान देने के लिए भारतीय सेना की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

‘नशा मुक्त भारत’ थीम को दिया बढ़ावा, विजेताओं को किया सम्मानित

सजग इंडिया की ‘नशा मुक्त भारत’ थीम को जन-जन तक पहुँचाने और युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से महोत्सव परिसर में एक विशेष सेल्फी प्वाइंट बनाया गया था। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करने के लिए खुद इस सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी खिंचवाई। इसके साथ ही, दो दिनों तक चलीं विभिन्न खेल, सांस्कृतिक और शैक्षणिक प्रतियोगिताओं के प्रतिभावान विजेताओं एवं उपविजेताओं को मुख्यमंत्री द्वारा मंच से मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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बदरीनाथ मास्टर प्लान से बदलेगी तस्वीर

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए हमारी सरकार देवभूमि की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ ही विकास को नई गति प्रदान कर रही है। इसी क्रम में श्री बदरीनाथ धाम का मास्टर प्लान के अंतर्गत सुनियोजित एवं चरणबद्ध विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बदरीनाथ धाम की पौराणिक और आध्यात्मिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए बुनियादी ढाँचे को विश्वस्तरीय बना रही हैं।

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सेना और प्रशासन के शीर्ष अधिकारी रहे मौजूद

इस गौरवशाली और ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय सेना के मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, जीओसी उत्तर भारत एरिया लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा, माननीय दायित्वधारी श्री हरक सिंह, ब्रिगेडियर गौरव बत्रा, माधव प्रसाद सेमवाल और भाजपा के जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह बर्त्वाल सहित बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और देश-विदेश से आए तीर्थयात्री उपस्थित रहे।इस महोत्सव ने न केवल उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को देश-विदेश के पर्यटकों के सामने जीवंत किया, बल्कि भारतीय सेना और स्थानीय जनता के बीच के मधुर व अटूट संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान की है।

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