नैनीताल। पर्यटन नगरी नैनीताल में घूमने आए उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निवासी एक पर्यटक परिवार की 5 वर्षीय मासूम बेटी अचानक परिजनों से बिछड़ गई। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए Nainital Police Rescued Missing Girl यानी मल्लीताल चौकी पुलिस ने मुस्तैदी से खोजबीन कर बच्ची को कुछ ही देर में सकुशल ढूंढ निकाला और परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुरादाबाद निवासी एक पर्यटक परिवार इन दिनों नैनीताल घूमने आया हुआ है। मल्लीताल के मुख्य बाजार और मल्लीताल क्षेत्र में भ्रमण के दौरान उनकी पांच वर्षीय पुत्री आलिया अचानक माता-पिता की नजरों से ओझल हो गई। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन जब बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला तो परिवार में हड़कंप मच गया।
मल्लीताल चौकी के कांस्टेबल ने संभाली कमान
रोते-बिलखते परिजन तुरंत पास ही स्थित मल्लीताल पुलिस चौकी पहुंचे। उस समय चौकी पर कांस्टेबल मनोज जोशी ड्यूटी पर तैनात थे। परिजनों ने बदहवास हालत में कांस्टेबल को पूरी घटना बताई और बच्ची का हुलिया नोट कराया। मामले की संवेदनशीलता और वीआईपी क्षेत्र की भीड़ को देखते हुए कांस्टेबल मनोज जोशी ने तत्काल उच्चाधिकारियों को वायरलेस पर सूचना दी और खुद जमीन पर सर्च ऑपरेशन के लिए निकल पड़े।
कैपिटल हॉल के पास सुरक्षित मिली मासूम
कांस्टेबल मनोज जोशी ने पेशेवर पुलिसिंग का परिचय देते हुए हुलिए के आधार पर मालरोड, नैनी झील के किनारे और कैपिटल हॉल की तरफ जाने वाले रास्तों पर सघन चेकिंग शुरू की। स्थानीय दुकानदारों और पर्यटकों से पूछताछ करते हुए कांस्टेबल आगे बढ़े। पुलिस की यह तत्परता रंग लाई और कुछ ही समय के भीतर बच्ची को ‘कैपिटल हॉल’ के समीप अकेले घूमते हुए सकुशल बरामद कर लिया गया।
परिजनों को सौंपी गई लाडली, मां शबाना ने की पुलिस की तारीफ
बच्ची के मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मौके पर ही उसके माता-पिता को इसकी सूचना दी। कांस्टेबल मनोज जोशी ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 5 वर्षीय आलिया को उसकी मां शबाना के सुपुर्द कर दिया। अपनी खोई हुई बेटी को सही-सलामत और सुरक्षित वापस पाकर मां शबाना की आंखों से आंसू छलक पड़े।परिजनों ने संकट की इस घड़ी में उत्तराखंड पुलिस द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। मां शबाना ने कांस्टेबल मनोज जोशी का आभार जताते हुए कहा कि नैनीताल पुलिस ने जिस मुस्तैदी से काम किया, उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है। स्थानीय व्यापारियों और अन्य पर्यटकों ने भी इस त्वरित रेस्क्यू के लिए पुलिस प्रशासन की पीठ थपथपाई है।