मानसून की विदाई के बाद सज गए चारों धाम, 15 सितंबर से Chardham Yatra Second Phase के लिए उमड़ेगा आस्था का सैलाब

Chardham Yatra Second Phase 15 सितंबर से आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रहा है। मानसून सीजन की समाप्ति के बाद शुरू हो रहे इस चरण को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी तरह से तेज कर दी हैं। इस साल श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसके चलते सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष नजर रखी जा रही है।

यात्रा के मुख्य नोडल अधिकारी के अनुसार, इस सीजन में अब तक 64 लाख से अधिक श्रद्धालु अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस दूसरे चरण में दर्शन करने वाले भक्तों का आंकड़ा 55 लाख को पार कर जाएगा। वर्तमान में ही प्रतिदिन आने वाले यात्रियों की संख्या में बड़ा उछाल देखा जा रहा है।

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श्रद्धालुओं की बढ़ती भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन और उत्तराखंड पुलिस ने कमर कस ली है। मुख्य प्रवेश द्वार ऋषिकेश सहित सभी यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील और संकरे पहाड़ी रास्तों पर जाम की स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

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मानसून के कारण प्रभावित हुए संवेदनशील और लैंडस्लाइड संभावित रास्तों को ठीक कर दुरुस्त किया गया है ताकि सफर सुगम रहे। इसके साथ ही केदारनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए बंद पड़ी हेली सेवा भी 15 सितंबर से दोबारा बहाल की जा रही है, जिसकी बुकिंग IRCTC के माध्यम से हो रही है।यात्रा की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की है।

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मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि यात्रियों को स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को एक सुरक्षित, सुगम और सुखद धार्मिक यात्रा का अनुभव मिल सके।

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