भीमताल/हल्द्वानी। पदमपुरी शोध संस्थान के अनन्य भक्त और क्षेत्र के प्रतिष्ठित आध्यात्मिक संत श्री श्री 1008 Swami Parmanand Puri जी महाराज का 138 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने मंगलवार रात हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके ब्रह्मलीन होने की खबर मिलते ही समूचे उत्तराखंड और विशेषकर कुमाऊं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
बुधवार को उनके निधन का समाचार मिलते ही सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु और अनुयायी उनके अंतिम दर्शन के लिए अस्पताल पहुंचे। Swami Parmanand Puri
जी के महाप्रयाण पर पूर्व सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, पूर्व विधायक दान सिंह भंडारी, मनोज साह, लावन सिंह नेगी, गोपाल सिंह बिष्ट, राकेश बृजवासी, मुकेश बोरा, महेश पाठक, पुकर सिंह नेगी, भावना, मोहिंदर सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
कश्मीर से था नाता, 1919 में लंदन से की थी पढ़ाई
Swami Parmanand Puri जी के बारे में बताया जाता है कि उनका संबंध कश्मीर के एक संभ्रांत ब्राह्मण परिवार से था। उनके माता-पिता लंदन में रहते थे, जिस वजह से स्वामी जी का जन्म भी वहीं हुआ था। स्वामी जी ने वर्ष 1919 में लंदन स्थित विश्वप्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमए (MA) की डिग्री हासिल की थी।
स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में आए थे भारत
उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद Swami Parmanand Puri
वर्ष 1920 में स्वास्थ्य विभाग में एक उच्च अधिकारी के रूप में भारत आए थे। इसके बाद वर्ष 1930 में उन्होंने नैनीताल जिले के जिला स्वास्थ्य अधिकारी पद पर कार्यभार संभाला। इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक माहौल ने उन्हें ऐसा प्रभावित किया कि उन्होंने जल्द ही सांसारिक जीवन को त्याग कर संन्यास ले लिया।

कठिन साधना और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान
स्वामी जी एक बेहद अनुशासित और कठिन जीवन जीते थे। उनके शिष्यों के अनुसार, वह प्रतिदिन रात को करीब तीन बजे जाग जाते थे और सुबह आठ बजे तक ईश्वर की साधना में लीन रहते थे। उन्होंने अपने जीवन के करीब 28 साल तक सिर्फ फलाहार पर रहकर बिताए। स्वामी जी ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था और वह कई विदेशी भाषाओं के ज्ञाता थे। उनका जाना आध्यात्मिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
शोक व्यक्त करने वाले प्रमुख लोग
Swami Parmanand Puri जी के ब्रह्मलीन होने पर समूचे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। शोक जताने वालों में मुख्य रूप से सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, पूर्व विधायक दान सिंह भंडारी, मनोज साह, लाखन सिंह नेगी, गोपाल सिंह बिष्ट, राकेश बृजवासी, मुकेश बोरा, महेश पाठक, पुष्कर सिंह नेगी, भावना और मोहिंदर सिंह सहित सैकड़ों भक्त शामिल हैं।