SSP Nainital Action उत्तराखंड के नैनीताल जनपद अंतर्गत कालाढूंगी क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां मुख्य सड़क के बीचों-बीच स्कूली छात्र आपस में बुरी तरह मारपीट करते नजर आए। सार्वजनिक स्थान पर हुए इस उपद्रव और लड़ाई-झगड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो के सामने आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया। SSP Nainital Action के तहत पुलिस ने न सिर्फ बच्चों की पहचान की, बल्कि उनके परिजनों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कदम उठाए हैं।
कालाढूंगी में मुख्य मार्ग पर स्कूली यूनीफॉर्म पहने छात्रों के गुटों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और छात्र सड़क पर ही एक-दूसरे पर लात-घूसे बरसाने लगे। इस घटना के दौरान सड़क पर यातायात भी बाधित हुआ और वहां मौजूद किसी राहगीर ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होते ही कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे, जिसके बाद एसएसपी नैनीताल ने स्थानीय पुलिस को तुरंत दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
एसएसपी के कड़े रुख के बाद कालाढूंगी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वीडियो फुटेज के आधार पर हुड़दंग मचाने वाले सभी छात्रों की शिनाख्त की। इसके बाद पुलिस ने संबंधित छात्रों, उनके माता-पिता और स्कूल प्रबंधन को थाने तलब किया। थाने में पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा बच्चों और उनके अभिभावकों की संयुक्त रूप से काउंसलिंग की गई। बच्चों को समझाया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह का हिंसक व्यवहार न सिर्फ अनुशासनहीनता है, बल्कि कानूनन अपराध भी है। उन्हें सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के प्रति जिम्मेदार रहने की हिदायत दी गई। इसके साथ ही, बच्चों की इस लापरवाही पर कड़ा सबक सिखाने के लिए पुलिस ने उनके परिजनों के खिलाफ धारा 81 पुलिस एक्ट के अंतर्गत चालानी कार्रवाई की।
नैनीताल पुलिस की समाज से विशेष अपील
इस पूरे घटनाक्रम के बाद SSP Nainital Action के संदेश को आगे बढ़ाते हुए जिला पुलिस ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधनों से एक महत्वपूर्ण अपील जारी की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि किशोरों में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति को रोकने के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई काफी नहीं है। माता-पिता और शिक्षकों को भी बच्चों की दैनिक गतिविधियों और उनकी संगति पर विशेष नजर रखनी होगी। पुलिस ने समाज से आह्वान किया है कि बच्चों में बचपन से ही अनुशासन, आपसी सौहार्द, बातचीत से विवाद सुलझाने और कानून के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में सहयोग करें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।