उत्तराखंड के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक श्री nanda devi mahotsav के समापन एवं मां नंदा-सुनंदा के डोला विसर्जन कार्यक्रम के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। कल यानी 23 सितम्बर को नैनीताल, भवाली और भीमताल नगर क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले सभी शिक्षण संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह से बंद रहेंगे।
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और सुरक्षात्मक यातायात व्यवस्था को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) ललित मोहन रयाल ने बुधवार (23 सितम्बर) को एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है। यह आदेश क्षेत्र के सभी शासकीय (सरकारी), अशासकीय (सहायता प्राप्त), गैर-सरकारी (प्राइवेट) स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विश्वविद्यालयों (Universities) पर अनिवार्य रूप से लागू होगा।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि 23 सितम्बर 2026 को भव्य शोभायात्रा के साथ माँ नंदा-सुनंदा के डोला विसर्जन का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होना है। इसके साथ ही परगना नैनीताल के भवाली और भीमताल नगर क्षेत्रों में भी डोला विसर्जन के धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इस पावन और ऐतिहासिक अवसर पर कुमाऊं मंडल सहित देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुँचने की संभावना है।
इतनी बड़ी संख्या में भीड़ जुटने के कारण इन तीनों नगर क्षेत्रों में यातायात (Traffic) व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी संभावना है। सड़कों पर भारी वाहनों के दबाव और रूट डायवर्जन के कारण स्कूली बच्चों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो, इसी सुगम आवागमन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह एहतियाती कदम उठाया है।
नियम तोड़ने वाले शिक्षण संस्थानों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन इस आदेश को लेकर बेहद गंभीर है। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी स्कूलों तक इस आदेश की जानकारी तुरंत पहुंचाई जाए और इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी सरकारी या निजी शिक्षण संस्थान इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।स्थानीय प्रशासन ने जनता और पर्यटकों से भी अपील की है कि वे बुधवार को जारी होने वाले ट्रैफिक रूट प्लान को देखकर ही अपनी यात्रा तय करें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।