पिथौरागढ़/धारचूला। उत्तराखंड के सीमांत जनपद pithoragarh से इस वक्त की बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश आफत बनकर बरसी है। धारचूला–तवाघाट मार्ग पर कुलागाड़ में कुछ ही दिन पूर्व निर्मित नया बैली ब्रिज भारी बारिश के चलते एक बार फिर पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
पुल के टूटने से सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण चीन सीमा सहित आदि कैलाश यात्रा मार्ग पूरी तरह ठप हो गया है। इसके साथ ही सीमांत क्षेत्र की तीन प्रमुख घाटियों— दारमा, व्यास और चौदास का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है।पुल टूटने के साथ ही कुलागाड़ में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। पहाड़ी से लगातार गिरे मलबे और भारी बोल्डरों (बड़ी चट्टानों) के कारण नदी का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, जिससे वहां एक विशालकाय कृत्रिम झील बन गई है। इस झीलनुमा पानी के एकत्रित होने से निचले इलाकों में अचानक बाढ़ या जलभराव का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
कोतवाली धारचूला ने जारी किया हाई अलर्ट
बढ़ते खतरे को देखते हुए कोतवाली धारचूला ने तत्काल प्रभाव से काली नदी के तटवर्ती और निचले क्षेत्रों में रहने वाले समस्त ग्रामवासियों और आम जनता के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने साफ तौर पर हिदायत दी है कि कोई भी व्यक्ति नदी, नालों और जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाए। यदि जलस्तर बढ़ता है या पानी का बहाव तेज होता है, तो तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले जाएं।
धारचूला–तवाघाट–गुंजी मार्ग पूरी तरह बंद
पुल ध्वस्त होने के कारण प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। धारचूला–तवाघाट–गुंजी मार्ग को सभी प्रकार के वाहनों के लिए पूर्णतः बंद कर दिया गया है। पुलिस ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी भारी वाहन, यात्री वाहन अथवा मालवाहक गाड़ी इस मार्ग की ओर आवागमन न करे। पुलिस ने जनता से इस महत्वपूर्ण सूचना को अन्य वाहन चालकों, परिचितों और यात्रियों तक पहुंचाने की अपील की है, ताकि मौके पर कोई भी अनावश्यक रूप से न फंसे और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।