लालकुआं (नैनीताल)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के अंतर्गत लालकुआं थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। Lalkuan Police Married Woman Suicide Case का सफल पटाक्षेप करते हुए पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी को धरदबोचा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त को न सिर्फ गिरफ्तार किया, बल्कि उसके पास से ब्लैकमेलिंग में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैली हुई है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 6 अगस्त 2026 को ग्राम गंगापुर कबडाल, मोटाहल्दू (लालकुआं) निवासी एक विवाहिता ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतका के पिता राजेंद्र प्रसाद (निवासी मुक्तेश्वर) ने थाना लालकुआं में एक लिखित तहरीर दी।तहरीर में मृतका के पिता ने बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि मृतका का संपर्क उसके पति के हेल्पर आशिक अली के साथ मोबाइल के माध्यम से हुआ था।
आशिक अली का मृतका के घर पर भी आना-जाना था। आरोप है कि आशिक अली ने विवाहिता को अपने जाल में फंसाया और उसकी कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लीं। इसके बाद आरोपी उन आपत्तिजनक सामग्रियों के बल पर महिला को लगातार ब्लैकमेल करने लगा और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। इसी घिनौनी प्रताड़ना और लोक-लाज के डर से तंग आकर महिला ने अंततः आत्मघाती कदम उठा लिया।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए लालकुआं कोतवाली पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया। पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर थाना लालकुआं में मु0अ0सं0 146/2026 पंजीकृत किया। यह मुकदमा नए कानून भारतीय न्याय संहिता-2023 (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 351(2) (आपारीरिक धमकी) के अंतर्गत दर्ज किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी विवेचना हल्दूचौड़ चौकी प्रभारी श्री अर्जुन गिरी को सौंपी गई।
एसएसपी के निर्देशन में पुलिस का कड़ा एक्शन
इस Lalkuan Police Married Woman Suicide Case में आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने कड़े निर्देश जारी किए थे। पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और क्षेत्राधिकारी लालकुआं विमल प्रसाद के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली लालकुआं बृजमोहन राणा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
चौकी प्रभारी अर्जुन गिरी और उनकी टीम ने तकनीकी और पारंपरिक साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल्स और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने जाल बिछाया और दिनांक 26 सितंबर 2026 को मुख्य आरोपी आशिक अली को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
महत्वपूर्ण बरामदगी: ब्लैकमेलिंग का मोबाइल जब्त
पुलिस ने मुख्य अभियुक्त आशिक अली के पास से वह स्मार्टफोन बरामद कर लिया है, जिसका प्रयोग वह मृतका की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाने, उन्हें सहेजने और महिला को भेजने के लिए करता था। पुलिस इस मोबाइल को एक ठोस डिजिटल साक्ष्य (Digital Evidence) के रूप में कोर्ट में पेश करेगी, जिससे आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिल सके।
पीड़ित परिवार को धमकी, दो सह-अभियुक्त अब भी फरार
इस पूरे प्रकरण में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। मृतका के पिता द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, जब मृतका के पति विजय पलड़िया ने इस मामले में कानूनी कार्यवाही करने का प्रयास किया, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि साहिब अली और देवेश गंगवार नामक दो व्यक्ति विजय पलड़िया को लगातार धमका रहे थे कि यदि उन्होंने पुलिस में शिकायत की तो अंजाम बुरा होगा। इस धमकी के कारण पीड़ित पति बेहद डरा हुआ था और उसे अपने दैनिक कार्यों में भी परेशानी हो रही थी।
पुलिस ने बताया कि इन दोनों सह-अभियुक्तों की भूमिका और संलिप्तता की गहनता से जांच की जा रही है। वर्तमान में दोनों अभियुक्त पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे हैं। लालकुआं पुलिस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।