Earthquake tremors आज रात करीब 10:22 बजे उत्तर भारत के कई राज्यों में बेहद तीव्र गति से महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, इस भूकंप का मुख्य केंद्र उत्तराखंड का चमोली (Chamoli) जिला था, जहां रिक्टर पैमाने पर 4.4 तीव्रता दर्ज की गई है। जमीन के अंदर कम गहराई पर आए इस झटके का असर उत्तराखंड की पहाड़ियों से लेकर मैदानी इलाकों तक काफी व्यापक रहा।
इन प्रमुख शहरों और जगहों पर हिली धरती
इस भूकंप के झटके उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल दोनों मंडलों के कई प्रमुख शहरों में साफ महसूस किए गए, जिनमें नैनीताल, हल्द्वानी, भीमताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, चमोली, और देहरादून शामिल हैं। इसके अलावा, देश की राजधानी दिल्ली सहित पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र—जैसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद की बहुमंजिला इमारतों में भी तेज कंपन दर्ज किया गया। रात के समय अचानक आए इन झटकों के कारण लोग सुरक्षा के लिहाज से तुरंत अपने घरों और सोसायटियों से बाहर खुले स्थानों की तरफ भाग निकले।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी की रिपोर्टनेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के प्रारंभिक डेटा के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता के सटीक आंकड़े और इसके केंद्र (epicentre) को लेकर वैज्ञानिक समीक्षा की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे उथली गहराई का भूकंप माना जा रहा है, जिससे मैदानी भागों से लेकर पहाड़ियों तक कंपन साफ महसूस हुआ।
जान-माल का कोई नुकसान नहींराहत की सबसे बड़ी बात यह है कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों की ओर से फिलहाल किसी भी तरह की अप्रिय घटना, जान-माल की हानि या संरचनात्मक नुकसान की कोई खबर नहीं है। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और पैनिक न करने की अपील की है।