नैनीताल न्यूज़ डेस्क। उत्तराखंड की लोक संस्कृति और अगाध आस्था के प्रतीक 124वें ऐतिहासिक श्री मां Nanda Devi Mahotsav Nainital के मुख्य आकर्षण यानी मां की भव्य शोभायात्रा (डोला यात्रा) बुधवार दोपहर को शुरू हो गई है। पूरा नैनीताल नगर “जय मां नंदा-सुनंदा” के जयकारों, शंखनाद, घंटे-घड़ियालों की गूंज और पारंपरिक ढोल-दमाऊं की थाप से सराबोर है। देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालु माता के डोले के साथ नगर भ्रमण पर निकल चुके हैं।
सुबह पांच बजे से शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान
इससे पहले, रविवार से शुरू हुए इस महोत्सव के अंतिम और मुख्य दिन बुधवार सुबह पांच बजे मुख्य नैना देवी मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। आचार्य पंडित भगवती प्रसाद जोशी के मार्गदर्शन में विद्वान पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच देवी पूजन संपन्न कराया। सुबह 9 बजे विशेष महापूजा की गई और दोपहर 12 बजे मां नंदा-सुनंदा को छप्पन भोग लगाकर महाप्रसाद वितरित किया गया।
कोहरे के बीच उमड़ा आस्था का महासैलाब, मार्ग पर है शोभायात्रा
मध्याह्न भोग के बाद मां नयना देवी मंदिर परिसर से मां नंदा-सुनंदा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यद्यपि सुबह की धूप के बाद अचानक आसमान में बादल घिर आए हैं और पूरे शहर में कोहरा छा गया है, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था के आगे मौसम का मिजाज फीका साबित हो रहा है। कड़ाके की ठंड और धुंध के बावजूद नैनीताल की सड़कों पर भक्तों का हुजूम लगातार बढ़ रहा है।
शोभायात्रा में कुमाऊंनी संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिल रही है। पारंपरिक परिधानों में सजे छोलिया नर्तकों का दल ढोल की थाप पर हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए आगे बढ़ रहा है। विभिन्न अखाड़ा दलों के प्रदर्शन और बैंड बाजों की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया है। महिला श्रद्धालु पारंपरिक परिधानों में भजन और कीर्तन करते हुए मां के डोले के साथ चल रही हैं।
इन मार्गों से होते हुए देर सायं होगा विसर्जन
नैनी देवी मंदिर की परिक्रमा करने के बाद माता का डोला चाट पार्क, मस्जिद तिराहा, शारदा संघ, मल्लीताल रिक्शा स्टैंड से होते हुए प्रसिद्ध मॉलरोड पहुंच चुका है। यहाँ से यात्रा तल्लीताल डांठ, मुख्य बाजार, धर्मशाला, नया बाजार से होते हुए पुनः मॉलरोड से मल्लीताल बाजार पहुंचेगी। इसके बाद ऐतिहासिक श्रीराम सेवक सभा भवन से गुजरते हुए शोभायात्रा ठंडी सड़क पहुंचेगी, जहाँ देर सायं अत्यंत भावुक क्षणों के बीच श्रद्धालु अश्रुपूरित नेत्रों के साथ मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों को नैनीझील में विसर्जित करेंगे।
कई गणमान्य लोग और अधिकारी हैं मौजूद
इस ऐतिहासिक और भव्य पल के साक्षी बनने के लिए श्रीराम सेवक सभा के अध्यक्ष मनोज साह, महासचिव जगदीश बवाड़ी, पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी मंटू, कमलेश ढौंढियाल, विमल चौधरी, विमल साह, राजेंद्र लाल साह, देवेंद्र लाल साह, मुकुल जोशी, गोधन सिंह और राजेंद्र सिंह बिष्ट सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और पुलिस महकमे के आला अफसर शोभायात्रा के साथ चल रहे हैं। सुरक्षा और यातायात को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने पहले ही व्यापक इंतजाम किए हैं।