सीएम धामी के नैनीताल दौरे के दौरान व्यापारियों को ज्ञापन सौंपने से रोकने का आरोप

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दौरे के दौरान एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। Nainital Vyapar Mandal (मां नयना देवी नैनीताल व्यापार मंडल) के संस्थापक अध्यक्ष पुनीत टंडन को पुलिस और प्रशासन ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत मुख्यमंत्री से मिलने और ज्ञापन सौंपने से रोक दिया। इस घटना के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश है और व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने सीधे तौर पर प्रशासन को चुनौती देते हुए मामले को देश की सर्वोच्च अदालतों तक ले जाने का एलान कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के नैनीताल आगमन पर नैनीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन लोअर मॉल रोड की बदहाली, चरमराई सीवर व्यवस्था और स्थानीय व्यापारियों से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर एक शांतिपूर्ण ज्ञापन सौंपने वाले थे। चूंकि मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यक्रम मां नयना देवी मंदिर परिसर में एक धार्मिक आयोजन था, इसलिए धार्मिक मर्यादा को देखते हुए टंडन ने मंदिर में व्यवधान न डालने का फैसला किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से उनके पुराने स्कूल, सेंट जोजफ कॉलेज स्थित हेलीपैड पर मिलने का निर्णय लिया। हेलीपैड पर भाजपा कार्यकर्ता सहित कई अन्य व्यापारियों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

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पुनीत टंडन के अनुसार, जैसे ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हेलीपैड पर पहुंचने का समय हुआ, वहां तैनात 10-12 पुलिसकर्मियों ने शिष्टाचार का नाटक करते हुए एक सोची-समझी रणनीति के तहत पुनीत टंडन को बातचीत में उलझा दिया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें घुमा-फिराकर बाकी लोगों से पूरी तरह अलग कर दिया और मुख्यमंत्री से मिलने से रोक दिया।प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह रहा कि पुनीत टंडन ने जब इस संबंध में अपर जिलाधिकारी (ADM) विवेक राय से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, तो उन्होंने फोन तब उठाया जब मुख्यमंत्री का चॉपर (हेलीकॉप्टर) उड़ान भरने के लिए तैयार हो चुका था। एडीएम ने केवल इतना कहकर पल्ला झाड़ लिया कि मुख्यमंत्री अब चॉपर में बैठ चुके हैं।

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आवाज दबाने की कोशिश पड़ेगी उल्टी, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाएगा मामला

इस पूरे प्रकरण पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नैनीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने प्रशासन की इस सुनियोजित राजनीतिक चाल की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, “इन राजनीतिक चालों से व्यापार मंडल और नैनीताल की जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। शहर के हितों को रोकने के ये प्रशासनिक प्रयास उल्टे पड़ेंगे और अब हमारी आवाज और भी तीव्र होकर सामने आएगी।

टंडन ने आगे कहा कि आज नैनीताल में मुलाकात न हो पाने से कोई फर्क नहीं पड़ता, अब वे सीधे देहरादून जाकर मुख्यमंत्री के सामने व्यापारियों की बात रखेंगे। उन्होंने प्रशासन और पुलिस को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शहर की सुरक्षा, विकास और व्यापारियों के हक के लिए जरूरत पड़ी, तो वे इस मामले को माननीय उच्च न्यायालय (High Court) और उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) तक लेकर जाएंगे।

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मां नयना देवी और नीम करोली बाबा ने दी मुझे और ताकत: पुनीत टंडन

इस घटनाक्रम के बाद पुनीत टंडन का संकल्प और अधिक मजबूत दिखाई दिया। उन्होंने कहा, “आज के इस प्रकरण ने नैनीताल को बचाने और व्यापारियों के उत्थान के लिए मेरे संकल्प को कल से कहीं ज्यादा मजबूत कर दिया है। मुझे पूरा विश्वास है कि आज जो कुछ भी हुआ, वह मां नयना देवी और बाबा नीम करोली महाराज की इच्छा से ही हुआ है, ताकि मुझे इस जनसंघर्ष के लिए और अधिक शक्ति और ताकत मिल सके।

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