नैनीताल। सरोवर नगरी के तल्लीताल स्थित प्रसिद्ध वृन्दावन डांस एवं म्यूजिक ऐकेडमी में आयोजित Nainital Kathak Workshop Vrindavan Academy का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। सात दिनों तक चली इस विशेष सांस्कृतिक कार्यशाला में नैनीताल और आसपास के क्षेत्र के बाल कलाकारों व युवाओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। इस अनूठे आयोजन से पूरा क्षेत्र शास्त्रीय संगीत और घूंघरुओं की झंकार से गुंजायमान रहा।
वृन्दावन से पधारे मशहूर कोरियोग्राफर आशीष सिंह ने दिए गुरुमंत्र
इस Nainital Kathak Workshop Vrindavan Academy के मुख्य आकर्षण वृन्दावन से विशेष रूप से पधारे प्रख्यात कथक नर्तक और कोरियोग्राफर आशीष सिंह (नृत्य मंजरी दास) रहे। उन्होंने सात दिनों तक लगातार कार्यशाला में मौजूद विद्यार्थियों को कथक नृत्य की बेहद सूक्ष्म और तकनीकी बारीकियां सिखाईं।
विद्यार्थियों और कला प्रेमियों को संबोधित करते हुए आशीष सिंह ने कहा, “आज के आधुनिक दौर में समाज को अपनी समृद्ध भारतीय परंपरा और शास्त्रीय कलाओं को संजोने की अत्यंत आवश्यकता है। इस तरह के आयोजनों से ही हमारी आज की युवा पीढ़ी अपनी अनमोल सांस्कृतिक परंपराओं को समझ सकेगी और उसे आगे लेकर जाएगी।” उन्होंने आगे जोड़ा कि समय-समय पर ऐसी नृत्य कार्यशालाओं के आयोजन से बच्चों में मानसिक उत्साह तो बढ़ता ही है, साथ ही उन्हें अपनी छिपी हुई कला को निखारने का एक बेहतरीन मंच भी मिलता है।
नैनीताल में दूसरी बार सफल आयोजन, राखी शाह के प्रयासों को सराहा
शिल्पकार और कला जगत के लिए गौरव की बात है कि नैनीताल में इस उच्च स्तरीय कथक कार्यशाला का यह दूसरी बार सफल आयोजन किया गया है। कोरियोग्राफर आशीष सिंह ने इस सफल आयोजन के लिए ऐकेडमी की संचालिका राखी शाह को विशेष रूप से बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राखी शाह जी ने नैनीताल के युवा विद्यार्थियों के लिए इस कठिन विधा की कार्यशाला आयोजित कराकर बेहद सराहनीय और ऐतिहासिक कार्य किया है।
विद्यार्थियों ने सीखी कथक की थाट, आमद और वंदना
सात दिवसीय Nainital Kathak Workshop Vrindavan Academy के दौरान प्रशिक्षण ले रहे छात्र-छात्राओं को कथक नृत्य के व्याकरण और विभिन्न अंगों की गहन तालीम प्रदान की गई। कार्यशाला में मुख्य रूप से:
• कथक नृत्य में थाट, आमद और परण का अभ्यास।
• चक्रदार परण, चक्रदार तोड़ा, तिहाई, टुकड़ा और तोड़ा की तकनीकी शिक्षा।
• गुरु वंदना, कृष्ण वंदना, शिव परण, कावित्त, लड़ी और परमेलु जैसे आध्यात्मिक व तकनीकी पक्षों की सजीव तालीम।
सहयोगी कलाकारों और टीम ने किया कार्यशाला को सफल
समापन के अवसर पर विद्यालय की निदेशिका राखी शाह ने मुख्य अतिथि, प्रशिक्षकों और सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डांस अध्यापिका सुप्रीता शाह, तबले पर प्रियांशु नेगी की थाप, तथा गायन और हारमोनियम पर पूजा आर्या व मोनिका आर्या ने अपना बेहतरीन जुगलबंदी सहयोग प्रदान किया। सभी प्रतिभावान बच्चों को प्रमाणपत्र देकर उज्जवल भविष्य की कामना की गई।