नैनीताल में आज टूटेगी बरसों पुरानी परंपरा! अपर माल रोड से निकलेगा मां नंदा-सुनंदा का डोला, सुरक्षा सख्त

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में प्रसिद्ध मां नंदा देवी महोत्सव अपनी पूरी भव्यता के साथ चरम पर है। Maa Nanda Devi Mahotsav Nainital के तहत आज शहर में मां नंदा-सुनंदा के पावन डोले को नगर भ्रमण कराया जाएगा। डोला विसर्जन के इतिहास में यह पहली बार होने जा रहा है जब सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के दृष्टिगत डोले को बिल्कुल बदले हुए रूट से निकाला जा रहा है। प्रशासन और आयोजन समिति ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस बार डोले को अपर माल रोड से गुजारने का निर्णय लिया है।

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प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, भव्य डोला यात्रा की शुरुआत डीएसए मैदान पार्किंग से होगी। यहाँ से डोला जामा मस्जिद मल्लीताल, पुराना घोड़ा स्टैंड और फिर अपर मॉल रोड से होते हुए तल्लीताल डांठ पहुंचेगा। इसके बाद डोला तल्लीताल बाजार से होते हुए धर्मशाला तल्लीताल तक जाएगा।धर्मशाला तल्लीताल से डोले की वापसी शुरू होगी। वापसी में यह पुनः तल्लीताल बाजार, डांठ और अपर माल रोड से होते हुए घोड़ा स्टैंड पहुंचेगा। यहाँ से डोला यात्रा मोहनको提राहा और चीना बाबा मंदिर की ओर आगे बढ़ेगी। इसके बाद डोले को बड़ा बाजार, जयलाल साह बाजार, खड़ी बाजार और जामा मस्जिद से होते हुए वापस प्रसिद्ध नैना देवी मंदिर लाया जाएगा।श्री राम सेवक सभा के सदस्य मुकेश जोशी ने विशेष जानकारी देते हुए बताया कि सूचना विभाग कार्यालय के पास बने रैंप से डोला वापस लोअर माल रोड होकर गुजरेगा, जिससे व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती रहें।

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नैनी झील में होगा प्रतिमाओं का विसर्जन

नगर भ्रमण के अंतिम चरण में डोला नैना देवी मंदिर से गोलज्यू मंदिर और फिर ठंडी सड़क पहुंचेगा। ठंडी सड़क पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। इसके बाद भक्तों की भारी मौजूदगी और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच मां नंदा-सुनंदा की पवित्र प्रतिमाओं का नैनी झील में विसर्जन किया जाएगा।

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प्रशासन और पुलिस की सुरक्षा तैयारियां पूरी

इतिहास में पहली बार रूट में हुए इस बड़े बदलाव को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और मेला आयोजन समिति पूरी तरह मुस्तैद है। नगर भ्रमण के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए विशेष रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थानीय निवासियों और बाहर से आए श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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