उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर मौसम बदलते ही भूस्खलन और मलबे की वजह से रास्ते बंद होने का सिलसिला शुरू हो जाता है। ताजा मामला Haldwani Nainital राष्ट्रीय राजमार्ग से सामने आया है, जहां दोगांव और डोलमार के बीच अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आ जाने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सैकड़ों यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए।सड़क बंद होने और यात्रियों के परेशान होने की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी केवल दफ्तर से निर्देश देने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वे स्वयं आपदा प्रभावित मौके पर पहुंचे और राहत कार्य की कमान अपने हाथों में ले ली।
कंट्रोल रूम को निर्देश, मौके पर बुलाई गई जेसीबी
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर सबसे पहले यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। इसके तुरंत बाद उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को सक्रिय करते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। मार्ग को जल्द से जल्द साफ कराने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों और जेसीबी मशीनों को तत्काल प्रभाव से काम पर लगाया गया।
जाम में फंसे यात्रियों को मिली बड़ी राहत
एसएसपी की मौजूदगी में पुलिस कर्मियों ने मुस्तैदी से काम किया और जेसीबी की मदद से सड़क पर फैले मलबे और भारी पत्थरों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान पुलिस की टीम लगातार वाहनों को व्यवस्थित करने में जुटी रही ताकि रास्ता खुलते ही गाड़ियों को सुरक्षित निकाला जा सके। पुलिस प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि कुछ ही समय में हाईवे से मलबा हटाकर यातायात को पूरी तरह सुचारू कर दिया गया। मार्ग खुलने के बाद जाम में फंसे देश-विदेश के पर्यटकों और स्थानीय वाहन चालकों ने राहत की सांस ली और अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए।
यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
नैनीताल पुलिस ने इस मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय बेहद सतर्क रहें। खासकर संवेदनशील इलाकों जैसे दोगांव, डोलमार और ज्योलीकोट से गुजरते समय ऊपरी पहाड़ियों पर नजर बनाए रखें। किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति या रास्ते में फंसने पर तुरंत उत्तराखंड पुलिस के आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना दें।