नैनीताल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सरोवर नगरी में Nainital Krishnapur Road Protest को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के पावन अवसर पर जहां पूरा देश बापू को नमन कर रहा है, वहीं विकास की उपेक्षा और प्रशासन की बेरुखी से त्रस्त कृष्णापुर क्षेत्र के निवासियों का यह ऐतिहासिक आंदोलन गांधी जयंती के दिन भी पूरी ताकत के साथ जारी रहा। क्षेत्रवासी भारी संख्या में तल्लीताल स्थित गांधी मूर्ति के पास एकत्रित हुए और जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में अपनी मांगों से जुड़े पोस्टर और बैनर थे, जिनके जरिए उन्होंने सरकार के सामने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
महज कुछ दूरी के सफर के लिए तय करना पड़ता है 18 KM का चक्कर
इस बड़े प्रदर्शन में शामिल स्थानीय महिलाओं और युवाओं का कहना है कि कृष्णापुर क्षेत्र मुख्य नैनीताल शहर से बिल्कुल सटा हुआ है, लेकिन आज तक इस इलाके को एक लिंक रोड नसीब नहीं हो सकी है। वर्तमान में स्थिति इतनी बदतर है कि लोगों को नैनीताल मुख्य बाजार और तल्लीताल तक आने के लिए 18 किलोमीटर का लंबा और थकाऊ चक्कर काटना पड़ता है। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने और स्कूली बच्चों के लिए यह रोजाना का सफर किसी मानसिक और शारीरिक अभिशाप से कम नहीं है। ग्रामीणों का स्पष्ट तर्क है कि बालियानाला में भूस्खलन रोकथाम (ट्रीटमेंट) का कार्य पूरा होने के बाद अब प्रशासन के पास बहाने बनाने की कोई वजह नहीं बची है, इसलिए तुरंत सड़क निर्माण शुरू किया जाना चाहिए।
प्रशासन की बेरुखी पर भड़के पूर्व सभासद डीएन भट्ट, दी ‘वोट चोट’ की चेतावनी
नगर पालिका के पूर्व सभासद डीएन भट्ट ने प्रदर्शन स्थल पर मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि क्षेत्रवासी लंबे समय से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन के स्तर पर इसे लगातार अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “अगर सरकार ने हमारी इस मांग को जल्द पूरा नहीं किया, तो आने वाले विधानसभा चुनाव में पूरा कृष्णापुर क्षेत्र मतदान का पूर्ण बहिष्कार करेगा।” उन्होंने कहा कि अब सब्र का बांध टूट चुका है और यदि धरातल पर जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
Nainital Krishnapur Road Protest: पूर्व सभासद कैलाश रौतेला ने भी खोला मोर्चा, कहा- ‘अब चक्का जाम होगा’
क्षेत्र के वरिष्ठ नेता और पूर्व सभासद कैलाश रौतेला ने भी प्रशासन के ढुलमुल रवैए पर तीखा प्रहार किया है। रौतेला ने कहा, “कृष्णापुर के निवासियों के साथ सालों से सौतेला व्यवहार हो रहा है। सड़क किसी भी समाज की पहली और बुनियादी जरूरत है। बालियानाला ट्रीटमेंट के बाद अब सभी तकनीकी अड़चनें खत्म हो चुकी हैं।” उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि वे जनता के इस हक की लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और यदि जल्द ही सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो वे तल्लीताल और जिला मुख्यालय की सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
गांधी जयंती के दिन हुए इस बड़े प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं और युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक थी। हाथों में तख्तियां लिए बुजुर्गों और बच्चों ने भी प्रशासन को जगाने का काम किया। स्थानीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यह सिर्फ एक सांकेतिक धरना है। यदि अगले कुछ दिनों में लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिला प्रशासन ने सड़क की वित्तीय स्वीकृति और प्रशासनिक मंजूरी को लेकर कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया, तो पूरे क्षेत्र के लोग बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।
बापू की प्रतिमा के नीचे एक सुर में “सड़क नहीं तो वोट नहीं” के नारे लगाते दिखे लोगों के इस कड़े रुख के बाद अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और उत्तराखंड सरकार इस गंभीर समस्या पर क्या त्वरित एक्शन लेती है। इस खबर से जुड़े हर लाइव अपडेट के लिए हमारे पोर्टल के साथ बने रहें।