Assembly Election 2027 Nainital Prep: चुनाव ड्यूटी में लापरवाही पर DM का बड़ा एक्शन, कार्मिकों का डेटा न देने वाले अफसरों की सैलरी रोकने के आदेश

Assembly Election 2027 Nainital Prep के तहत उत्तराखंड में आगामी चुनावी व्यवस्थाओं को समय पर दुरुस्त करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट और जिला निर्वाचन अधिकारी ललित मोहन रयाल ने एक बेहद सख्त रुख अपनाते हुए उन सभी विभागाध्यक्षों (HODs) और कार्यालयाध्यक्षों का सितंबर 2026 का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया है, जिन्होंने चुनाव ड्यूटी के लिए अपने अधीन काम करने वाले कार्मिकों की अनिवार्य जानकारी अब तक उपलब्ध नहीं कराई है।

दरअसल, जिला निर्वाचन कार्यालय 2027 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए अभी से मतदान और मतगणना कार्मिकों का मुकम्मल इंतजाम करने में जुट गया है। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जनपद के सभी केंद्र और राज्य सरकार के सरकारी, अर्धसरकारी विभागों, कार्यालयों, निगमों और शिक्षण संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों का पूरा विवरण एक तय फॉर्मेट में मांगा गया था। बार-बार निर्देश दिए जाने के बाद भी कई विभागों द्वारा लापरवाही बरती जा रही थी, जिसे देखते हुए यह बड़ी कार्रवाई की गई है।

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जिला निर्वाचन अधिकारी ललित मोहन रयाल ने मुख्य कोषाधिकारी, नैनीताल को लिखित निर्देश दिए हैं कि जिला सूचना विज्ञान अधिकारी द्वारा सत्यापित की गई सूची या प्रमाण पत्र के आधार पर ही संबंधित विभागाध्यक्ष या कार्यालयाध्यक्ष के सितंबर 2026 के वेतन का भुगतान किया जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में साफ किया है कि जिन भी अधिकारियों ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए मांगी गई कार्मिकों की जानकारी तय प्रारूप में जमा नहीं की है, उनका चालू माह का वेतन किसी भी हाल में आहरित नहीं किया जाएगा।

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इससे पहले जिला निर्वाचन कार्यालय ने सभी संबंधित महकमों और शिक्षण संस्थानों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे। सभी कार्यालयों को अपने स्टाफ की सूची को तय फॉर्मेट-1 और फॉर्मेट-2 में एक्सेल शीट के माध्यम से तैयार कर निर्वाचन डेटाबेस में दर्ज कराना था। निर्वाचन कार्य में इस तरह की शिथिलता को अक्षम्य मानते हुए जिला प्रशासन ने यह वित्तीय हंटर चलाया है, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

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