Nainital Tourist Entry Rules (नैनीताल टूरिस्ट एंट्री रूल्स) को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अक्टूबर के इस लंबे वीकेंड और छुट्टियों के चलते उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल और बाबा नीम करौली के पावन धाम कैंची धाम में पर्यटकों का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, केवल पिछले 48 घंटों के भीतर ही 15,000 से अधिक पर्यटक वाहन नैनीताल और उसके आसपास के पांच किलोमीटर के दायरे में दाखिल हुए हैं, जिससे सभी प्रमुख सड़कें और पार्किंग स्थल पूरी तरह से पैक हो चुके हैं।
इस भारी दबाव को नियंत्रित करने और शहर को भीषण जाम से बचाने के लिए नए Nainital Tourist Entry Rules प्रभावी रूप से लागू कर दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बाहरी राज्यों और मैदानी इलाकों से आने वाले केवल उन्हीं पर्यटक वाहनों को नैनीताल शहर के भीतर प्रवेश दिया जाएगा, जिनके पास शहर के भीतर कन्फर्म होटल बुकिंग है और संबंधित होटल के पास निजी (इन-हाउस) पार्किंग की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है।
रूसी बाईपास और नारायण नगर पर रोके गए वाहन, शटल सेवा शुरू
पर्यटकों की आमद क्षमता से अधिक होने के कारण पुलिस ने शनिवार सुबह से ही सख्त फिल्टरिंग और चेकिंग अभियान शुरू कर दिया था। जिन सैलानियों के पास एडवांस होटल बुकिंग का वैध प्रमाण पत्र या निजी पार्किंग स्पेस नहीं था, उनके वाहनों को शहर से करीब 7-8 किलोमीटर पहले ही रूसी बाईपास (हल्द्वानी रोड से आने वाले) और नारायण नगर (कालाढूंगी रोड से आने वाले) अस्थाई पार्किंग स्थलों पर रोक दिया गया।
बिना बुकिंग के आए सैलानियों को अपने वाहन इन बाहरी पार्किंग लॉट्स में खड़े करने पड़े। वहाँ से शहर के भीतर आने के लिए प्रशासन ने विशेष शटल सेवाओं (टैक्सियों और बोलैरो गाड़ियों) का संचालन किया है, ताकि माल रोड और तल्लीताल-मल्लीताल जैसे मुख्य इलाकों में वाहनों का दबाव कम किया जा सके।

ग्राउंड जीरो पर उतरे SSP; कैंची धाम-नैनीताल मार्ग पर विशेष वन-वे प्लान
यातायात व्यवस्था का जायजा लेने और पर्यटकों की समस्याओं को दूर करने के लिए खुद नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी (SSP Manjunath TC) ग्राउंड जीरो पर उतरे। वे अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मी की बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर काठगोदाम से लेकर भीमताल तिराहे तक पहुंचे और खुद पूरे रूट का मुआयना किया।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी आमद को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने एक विशेष वन-वे ट्रैफिक प्लान भी जारी किया है, जिसके तहत काठगोदाम, नारीमन पॉइंट से सीधे नैनीताल और भीमताल की ओर जाने वाले एनएच (NH) मार्ग को कुछ घंटों के लिए डायवर्ट और नियंत्रित किया गया। वहीं, कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी ट्रैफिक को वन-वे रूट से निकाला जा रहा है।
FASTag सिस्टम लागू
तल्लीताल लेक ब्रिज बैरियर पर डिजिटल FASTag सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है, जिससे चेकिंग प्रक्रिया में तेजी आई है। गौरतलब है कि नगर पालिका द्वारा शहर के प्रवेश शुल्क (टोल टैक्स) को बढ़ाकर ₹300 प्रति कार किया जा चुका है, जबकि शहर की सार्वजनिक पार्किंग में गाड़ियों के लिए ₹500 प्रति दिन का शुल्क निर्धारित है। नियमों के मुताबिक मॉलरोड पर शाम 6 से 9 बजे तक सभी प्रकार के हल्के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है और तल्लीताल डांठ से हनुमानगढ़ी तक नो-पार्किंग ज़ोन लागू है।
सैलानियों के लिए पुलिस और प्रशासन की ज़रूरी एडवाइजरी
- होटल से पार्किंग कन्फर्मेशन लें: नैनीताल की ओर रवाना होने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके होटल में इन-हाउस पार्किंग स्पेस उपलब्ध है। बिना पार्किंग वाले होटल होने पर बॉर्डर से ही गाड़ी लौटा दी जाएगी।
- शटल सेवा का उपयोग करें: यदि आपके पास इन-हाउस पार्किंग नहीं है, तो रूसी बाईपास या नारायण नगर में गाड़ी पार्क कर प्रशासनिक शटल टैक्सियों का उपयोग करें।
- ट्रैफिक प्लान देखकर निकलें: यात्रा पर निकलने से पहले उत्तराखंड पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल या जिला प्रशासन नैनीताल की वेबसाइट पर जारी ताज़ा रूट डायवर्जन प्लान को जरूर चेक कर लें।
- पहाड़ी रास्तों पर सावधानी: हिल ड्राइविंग के नियमों का पालन करें, शराब पीकर गाड़ी न चलाएं और ओवरटेकिंग से बचें।
- सख्त पाबंदियां: दोपहिया टैक्सियों और बिना हेलमेट/अवैध रूप से आ रहे दुपहिया वाहनों की एंट्री पर भी पुलिस कड़ी नजर रख रही है। सड़कों के किनारे अनधिकृत नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करने पर गाड़ी सीज करने की कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि नैनीताल की संकरी भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए शहर की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पर्यटकों का यह सहयोग बेहद अनिवार्य है।