खोया-पाया केंद्र से लेकर ड्रोन-CCTV तक… मां नंदा-सुनंदा महोत्सव 2026 को सुरक्षित बनाने के लिए नैनीताल पुलिस ने बिछाया अभेद्य जाल

नैनीताल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सवों में से एक Maa Nanda Sunanda Mahotsav 2026 इस समय पूरे शबाब पर है। मां नंदा-सुनंदा की भव्य प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होने के बाद से ही नयना देवी मंदिर परिसर और पूरे नैनीताल शहर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए नैनीताल पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। महोत्सव को सकुशल, शांतिपूर्ण और अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में पुलिस बल ने सुरक्षा से लेकर यातायात तक की हर व्यवस्था पर अपनी पैनी नजर बनाई हुई है।

इस ऐतिहासिक महोत्सव की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का एक बेहद मजबूत खाका तैयार किया गया है। मेले की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक विशेष टीम लगातार ग्राउंड पर काम कर रही है। एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी संचार रेवाधर मठपाल, क्षेत्राधिकारी नैनीताल अंजना नेगी और क्षेत्राधिकारी भवाली रविकांत सेमवाल के सीधे पर्यवेक्षण (Supervision) में पुलिस टीमों को तैनात किया गया है। नैनीताल पुलिस और मेला कमेटी के बीच पल-पल का समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि किसी भी श्रद्धालु या पर्यटक को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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प्राण प्रतिष्ठा के बाद उमड़ी भारी भीड़, पुलिस ने संभाला भीड़ प्रबंधन

मां नंदा-सुनंदा की प्राण प्रतिष्ठा के पवित्र अनुष्ठान के बाद माता के दर्शन के लिए भक्तों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया है। मंदिर परिसर और उसके आसपास के रास्तों पर पैर रखने तक की जगह नहीं है। श्रद्धालुओं की इस बढ़ती संख्या को देखते हुए नैनीताल पुलिस द्वारा बेहतरीन भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) का परिचय दिया जा रहा है। भक्तों को कतारबद्ध तरीके से और सुरक्षित रूप से मां के दर्शन कराने के लिए प्रवेश और निकास मार्गों पर पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए सुगम दर्शन सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

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हाईटेक कंट्रोल रूम और तीसरी आंख (CCTV) से रखी जा रही है हर गतिविधि पर नजर

मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। पूरे मेला क्षेत्र में एक अस्थायी हाईटेक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। मेला परिसर, तल्लीताल, मल्लीताल, माल रोड और संवेदनशील स्थानों पर लगाए गए दर्जनों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की लाइव फीड इस कंट्रोल रूम में आ रही है, जहाँ पुलिस कर्मी 24 घंटे हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर बारीक नजर रख रहे हैं। संदिग्ध वस्तुओं या व्यक्तियों की पहचान के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है, जो भीड़ के बीच रहकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं।

बिछड़ों को मिलाने के लिए ‘खोया-पाया केंद्र’ की स्थापना

मेले के दौरान अत्यधिक भीड़ के कारण अक्सर बच्चे या बुजुर्ग अपने परिजनों से अलग हो जाते हैं। इस मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए नैनीताल पुलिस द्वारा मेला क्षेत्र में एक समर्पित खोया-पाया केंद्र (Lost and Found Centre) संचालित किया जा रहा है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम (माइक और लाउडस्पीकर) के माध्यम से लगातार घोषणाएं की जा रही हैं। पुलिस का लक्ष्य है कि मेले के दौरान बिछड़ने वाले किसी भी बच्चे, बुजुर्ग या अन्य व्यक्ति को बेहद कम समय में और सुरक्षित रूप से उनके परिजनों से मिलाया जा सके।

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श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा ही नैनीताल पुलिस का मुख्य ध्येय

नैनीताल पुलिस का मुख्य फोकस इस बात पर है कि माता के दरबार में आने वाले हर एक श्रद्धालु को एक सुखद और सुरक्षित माहौल मिले। पुलिस कर्मी न केवल सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं, बल्कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं के साथ बेहद शालीनता और समन्वय के साथ पेश आ रहे हैं। उन्हें रास्तों, पार्किंग स्थलों और दर्शन के समय के बारे में गाइड भी किया जा रहा है, ताकि वे ‘सरल, सुरक्षित एवं सुगम दर्शन’ का लाभ उठा सकें।

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