कुमाऊं मंडल के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक सांस्कृतिक आयोजनों में से एक, श्री नंदा देवी मेला नैनीताल की भव्य तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस वर्ष 124वां श्री नंदा देवी महोत्सव 2026 आगामी 16 सितंबर से 23 सितंबर तक बेहद धूमधाम और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा।
कुमाऊं के इस प्रसिद्ध लोक उत्सव को भव्य और दिव्य रूप देने के लिए जिला प्रशासन और श्री राम सेवक सभा ने मिलकर कमर कस ली है।आयोजन समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष Nanda Devi Mahotsav Nainital की मुख्य थीम ‘संस्कार, संस्कृति, समृद्ध विरासत’ रखी गई है। महोत्सव की शुरुआत 16 सितंबर को दोपहर 2:00 बजे श्री राम सेवक सभा परिसर में विधिवत उद्घाटन के साथ होगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस साल मां नंदा-सुनंदा की पावन प्रतिमाओं के निर्माण के लिए कदली वृक्ष (केले के पेड़) पास के मंगोली गांव से पारंपरिक विधि-विधान के साथ लाए जाएंगे। इसके बाद 19 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त में मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा और प्राण-प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए पट खोल दिए जाएंगे।
महोत्सव को लेकर नैनीताल के फ्लैट्स मैदान में व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जहां स्थानीय कला और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए 600 से अधिक दुकानें और बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले लगाए जा रहे हैं। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस बार 50 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों को मेले में स्टॉल लगाने के लिए मुफ्त जगह दी जा रही है। 23 सितंबर को मां की भव्य डोला शोभायात्रा पूरे नगर में निकाली जाएगी, जिसके बाद नैनी झील में मूर्तियों के विसर्जन के साथ इस पवित्र महोत्सव का समापन होगा। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पूरे शहर को रोशनी से सजाया जा रहा है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।