नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित डीएसबी परिसर (DSB Campus Nainital) में छात्रसंघ चुनाव 2026-27 के लिए मंगलवार को मतदान हो रहा है। परिसर के कुल 5,318 मतदाता छात्र राजनीति की नई कमान सौंपने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान से ठीक पहले आयोजित हुई आम सभा में प्रत्याशियों ने छात्र-छात्राओं के सामने जमकर लोकलुभावन वादे किए।
लेकिन इस पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का दूसरा सबसे स्याह पहलू यह रहा कि चुनाव प्रचार के दौरान लिंगदोह समिति के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। अनुशासन का दम भरने वाले छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन और पुलिस की चेतावनियों को ठेंगा दिखाते हुए पूरे परिसर को कूड़ेघर में तब्दील कर दिया।
लिंगदोह समिति की सिफारिशों के मुताबिक, छात्रसंघ चुनावों में हाथ से बने (हैंडमेड) पोस्टरों का ही इस्तेमाल किया जा सकता है और प्रिंटेड सामग्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके बावजूद, डीएसबी परिसर में नियमों को ताक पर रखकर छात्र नेताओं ने पूरे कैंपस को चमकीले प्रिंटेड बैनर, पोस्टर और पंपलेट से पाट दिया।
दीवारों, पेड़ों, क्लासरूम के दरवाजों और नोटिस बोर्डों पर छपे हुए विज्ञापन चिपकाए गए। चुनाव अधिकारियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन की बार-बार दी गई चेतावनियों का प्रत्याशियों पर कोई असर नहीं दिखा। हालात यह थे कि कॉलेज का मुख्य गेट से लेकर विभागों की सीढ़ियां तक चुनावी कचरे से पटी नजर आईं। नियमों का यह खुला उल्लंघन परिसर की अनुशासन व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।

आम सभा में वादों की बौछार: वाई-फाई से लेकर सुरक्षा तक
मतदान से पूर्व आयोजित आम सभा में उम्मीदवारों ने अपनी-अपनी दावेदारी पेश करते हुए छात्र हितों के लिए बड़े-बड़े संकल्प लिए
:अध्यक्ष पद की जंग: निर्दलीय उम्मीदवार भानु प्रताप सिंह चौहान (जिनकी मां बीना चौहान ने प्रचार के लिए खुद इसी परिसर में दाखिला लिया है) ने पूरे परिसर को 24×7 वाई-फाई युक्त बनाने का वादा किया। वहीं प्रत्याशी शुभम कुमार ने लाइब्रेरी में आधुनिक व नई किताबों की संख्या बढ़ाने और हिमांशु आर्या ने छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू करने का दावा किया।
उपाध्यक्ष पद: छात्र उपाध्यक्ष पद के दावेदार अभिषेक रैकूनी ने खेलकूद सुविधाओं के विस्तार और छात्रा उपाध्यक्ष पद की प्रत्याशी कुमकुम जोशी ने परिसर में छात्राओं की सुरक्षा व नए कॉमन रूम के निर्माण का संकल्प दोहराया।
सचिव व अन्य पद: सचिव पद के उम्मीदवार कमल कार्की, सांस्कृतिक सचिव पद के दावेदार हर्षित जोशी और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि (UR) पद के प्रत्याशी तन्मय भंडारी ने भी मंच से अपने विचार रखे।

आरक्षित और संकाय पदों पर भी मुकाबला
आरक्षित और संकाय (Faculty) पदों के उम्मीदवारों ने भी छात्र-छात्राओं को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ी
:संयुक्त सचिव व कोषाध्यक्ष: संयुक्त सचिव प्रत्याशी अनुष्का पुरी ने छात्राओं के लिए कौशल विकास कार्यशालाएं और गौरी ने चिकित्सा सुविधाओं में सुधार का वादा किया।
कोषाध्यक्ष पद की उम्मीदवार विदुषी वर्मा ने छात्रसंघ फंड के पारदर्शी बजट और सृष्टि रावत ने जरूरतमंद छात्रों की आर्थिक मदद करने की बात कही।
संकाय प्रतिनिधि (Faculty Representatives): कला संकाय से अनिल कुमार, वाणिज्य से संध्या कापड़ी, विधि से दिव्यांशी कौशल और प्रबंध अध्ययन से सानिध्य उप्रेती ने अपने-अपने संकायों में छात्रहित में काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
लिंगदोह नियमों के उल्लंघन के बीच प्रशासन मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण (DSW) प्रो. संजय पंत और मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. मनोज कुमार आर्या की देखरेख में मतदान और मतगणना को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ अंजना नेगी, कोतवाल राजेंद्र रावत और एसआई सुनील पुलिस बल के साथ परिसर में मुस्तैद रहे। आम सभा के दौरान प्रो. ललित तिवारी और प्रो. एचसीएस बिष्ट सहित कई वरिष्ठ प्राध्यापक भी मौजूद रहे, जिन्होंने छात्रों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। अब देखना होगा कि नियमों को ताक पर रखकर किया गया यह चुनाव प्रचार कल बैलेट बॉक्स में क्या रंग लाता है।