Kainchi Dham Ashram: भारी बारिश भी नहीं रोक सकी कदम, छाते-रेनकोट तानकर नीम करौरी बाबा के दर्शन को उमड़े भक्त

विशेष रिपोर्ट नैनीताल जनमत Kainchi Dham Ashram । उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश भी श्रद्धालुओं की अगाध आस्था को डिगा नहीं पा रही है। विश्व प्रसिद्ध और करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र कैंची धाम आश्रम से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो यह साबित करती है कि जब मन में बाबा नीम करौरी महाराज के दर्शन की चाह हो, तो प्रकृति की कोई भी बाधा आड़े नहीं आ सकती।

पहाड़ों में जारी भारी बारिश और कड़ाके की ठंड के बावजूद, बाबा के दिव्य दर्शन पाने के लिए हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु कतारों में खड़े नज़र आए। Kainchi Dham Ashram मंदिर परिसर के मुख्य द्वार से लेकर अंदर तक का नज़ारा पूरी तरह रंग-बिरंगा दिखाई दे रहा था। भक्तों ने खुद को भीगने से बचाने के लिए रंग-बिरंगे छातों और चमकीले प्लास्टिक रेनकोट का सहारा लिया था, लेकिन उनके चेहरों पर थकान या परेशानी के बजाय केवल बाबा के दर्शन की व्याकुलता और आनंद साफ़ झलक रहा था।

Kainchi Dham Ashram आसमानी आफत पर भारी पड़ी ‘महाराज जी’ की भक्ति

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बीते कुछ दिनों से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मैदानी इलाकों से आने वाले श्रद्धालुओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन कैंची धाम की महिमा ही कुछ ऐसी है कि मौसम की हर चुनौती यहाँ आकर छोटी पड़ जाती है।

तस्वीरों में साफ़ देखा जा सकता है कि भक्तों की लंबी कतारें अनुशासित तरीके से धीरे-धीरे आगे बढ़ रही हैं। कतार में लगे श्रद्धालु लगातार ‘जय बाबा की’ और ‘हरे राम हरे कृष्ण’ के भजनों का जाप कर रहे हैं। Kainchi Dham Ashram बाबा नीम करौरी महाराज की एक विशाल और सौम्य तस्वीर के ठीक सामने से गुजरते हुए भक्त भावविभोर हो रहे हैं। ऐसा लग रहा है मानो बाबा स्वयं अपनी कुटिया से भक्तों को निहार रहे हों और उन पर अपनी असीम कृपा बरसा रहे हों।

Kainchi Dham Ashram में विदेश से पहुँच रहे हैं श्रद्धालु

कैंची धाम (Kainchi Dham Ashram) केवल देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए जाना जाता है। एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स और फेसबुक (मेटा) के कर्ता-धर्ता मार्क जुकरबर्ग जैसी वैश्विक हस्तियों की प्रेरणा स्थली होने के कारण यहाँ हर रोज़ हज़ारों नए लोग खिंचे चले आते हैं।

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आज मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे दिल्ली के एक श्रद्धालु ने बताया, “हम पिछले तीन दिनों से नैनीताल में हैं और भारी बारिश की वजह से होटल से बाहर निकलना मुश्किल था। लेकिन मन में बाबा के दर्शन की ऐसी तीव्र इच्छा थी कि हम खुद को रोक नहीं पाए। बारिश में भीगते हुए, रेनकोट पहनकर लाइन में खड़े रहने का अपना एक अलग ही आनंद है। बाबा के दर्शन पाते ही सारी थकान और परेशानी गायब हो गई।

“वहीं, स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति भी इस स्थिति को संभालने के लिए पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दी। भारी बारिश के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कतारों को व्यवस्थित किया गया है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। फिसलन भरे रास्तों पर बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

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Kainchi Dham Ashram में प्रकृति का सौंदर्य और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम

बारिश के मौसम में शिप्रा नदी के किनारे पहाड़ों के बीच बसा कैंची धाम और भी अधिक अलौकिक और जीवंत हो उठता है। चारों ओर फैली हरी-भरी वादियाँ, पहाड़ों को छूते हुए सफेद बादल और मंदिर से गूंजती घंटियों की आवाज यहाँ आने वाले हर व्यक्ति को एक असीम मानसिक शांति का अनुभव कराती है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी पर्वतीय क्षेत्रों में सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है, लेकिन कैंची धाम के इस दृश्य को देखकर यह साफ़ है कि भक्तों का हौसला और उनकी भक्ति मौसम के किसी भी रेड या ऑरेंज अलर्ट से कहीं ज्यादा मजबूत है। यदि आप भी बाबा के दर पर आने की योजना बना रहे हैं, तो सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए और पर्याप्त गर्म कपड़ों व छातों के साथ यहाँ पहुँच सकते हैं, क्योंकि बाबा का आशीर्वाद हर मौसम में अपने भक्तों के लिए खुला रहता है।

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