ज्योलीकोट (नैनीताल)। jyolikot health camp news Uttarakhand उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में संक्रामक रोगों और जल-जनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में ज्योलीकोट और उसके आस-पास के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य विभाग का सघन चिकित्सा और जागरूकता अभियान लगातार जारी है।
गुरुवार को विभाग की ओर से क्षेत्र के कई दूरस्थ गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी सेहत की जांच कराई।स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को बेलुवाखान, मनोरा और तल्ला चोपड़ा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष मेडिकल कैंप लगाए गए। इन शिविरों और मोबाइल मेडिकल वैन (सचल वाहन) के माध्यम से कुल 127 लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। डॉक्टरों की टीम ने न केवल मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग और सामान्य जांच की, बल्कि उन्हें बीमारी के लक्षणों के अनुसार मौके पर ही मुफ्त दवाइयां भी वितरित कीं।
पीएचसी ज्योलीकोट में 6 मरीज भर्ती, 38 के लिए ब्लड सैंपल
अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ज्योलीकोट में भी डॉक्टरों की टीम मुस्तैद रही। गुरुवार को अस्पताल की ओपीडी में कुल 47 नए मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से छह मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। इसके अलावा, क्षेत्र में फैल रहे बुखार और अन्य संक्रामक रोगों की सटीक पहचान के लिए 38 मरीजों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है।
डिजिटल स्वास्थ्य और जागरूकता पर जोर
इस अभियान में आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया गया। अस्पताल और शिविरों तक न पहुंच पाने वाले 30 मरीजों को टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से अनुभवी डॉक्टरों से चिकित्सीय परामर्श और काउंसलिंग दिलाई गई। इसके साथ ही, स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। डॉक्टरों ने लोगों को अपने आस-पास पानी जमा न होने देने, शुद्ध उबला हुआ पानी पीने और खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह दी ताकि मौसमी बीमारियों की रोकथाम की जा सके। विभाग का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।