नोएडा के असली संस्थापक नारायण दत्त तिवारी को मिले सम्मान, प्रवेश द्वारों पर लगे मूर्ति: पायलट निर्मल सिंह नामधारी

नैनीताल निवासी पायलट निर्मल सिंह नामधारी ने महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के आधुनिक विकास में पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत narayan-dutt-tiwari के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया है। उन्होंने मांग की है कि नोएडा और साहिबाबाद में तिवारी जी के योगदान को इतिहास के पन्नों से निकालकर जनता के सामने लाया जाए।

निर्मल सिंह नामधारी ने अपने पत्र में महाराष्ट्र भवन, नई दिल्ली में हुई एक मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने कोश्यारी जी को नोएडा के इतिहास से रूबरू कराया था। नामधारी के अनुसार, नोएडा की स्थापना में स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी का सबसे बड़ा योगदान था। उन्होंने बड़े दुख के साथ कहा कि आज नोएडा को चमकाने वाले इस महान नेता के ऐतिहासिक योगदान को पूरी तरह से भुला दिया गया है, जो कि बेहद चिंताजनक है।

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साहिबाबाद मंडी के निर्माण का भी दिया श्रेय

पत्र में सिर्फ नोएडा ही नहीं, बल्कि गाजियाबाद के साहिबाबाद का भी जिक्र किया गया है। नामधारी ने याद दिलाया कि साहिबाबाद में स्थित उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी फल और सब्जी मंडी का निर्माण भी नारायण दत्त तिवारी के कार्यकाल में ही हुआ था। यह मंडी आज भी लाखों लोगों के रोजगार और व्यापार का मुख्य जरिया है।

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निर्मल सिंह नामधारी ने रखीं ये प्रमुख मांगें:

नोएडा के जितने भी मुख्य प्रवेश द्वार हैं, वहां स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी की प्रतिमा स्थापित की जाए। इन प्रवेश द्वारों पर बोर्ड लगाकर नोएडा की स्थापना में उनके योगदान की पूरी जानकारी लिखी जाए। साहिबाबाद फल व सब्जी मंडी के मुख्य द्वार पर तिवारी जी की याद में एक भव्य स्मारक का निर्माण कराया जाए। अब देखना यह होगा कि इस पत्र के बाद क्या नोएडा प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार इतिहास के इस पन्ने को पलटकर नारायण दत्त तिवारी जी को उनका हक और सम्मान देती है या नहीं।

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